कुरान - 53:24 सूरह अन-नज्म अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

24
أَمۡ لِلۡإِنسَٰنِ مَا تَمَنَّىٰ

Transliteration: (Am lil insaani maa taman naa)

क्या इंसान को हर वह चीज़ मिल जाएगी जिसकी वह तमन्ना करता है [28]? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नज्म आयत 24 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नज्म तफ़सीर - आयत 24

"क्या इंसान को हर वह चीज़ मिल जाएगी जिसकी वह तमन्ना करता है [28]?"


[28] मुशरिकीन की बातिल तमन्नाएँ और शफ़ाअत का सवाल

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि 'इंसान' से मुराद मुशरिक है और 'तमन्ना' से मुराद बुतों की शफ़ाअत की उम्मीद है:

  • बुतों की शफ़ाअत का झूठा ख़्याल: मुशरिक कहते थे कि ये बुत क़यामत में हमारी सिफ़ारिश करेंगे। अल्लाह तआला ने फ़रमाया कि क्या हर काफ़िर की तमन्ना पूरी हो जाएगी? ये बे-जान मूर्तियाँ किसी के काम नहीं आएँगी।

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