कुरान - 53:40 सूरह अन-नज्म अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

40
وَأَنَّ سَعۡيَهُۥ سَوۡفَ يُرَىٰ

Transliteration: (Wa anna sa'yahoo sawfa yuraa)

और यह कि उसकी कोशिश अनक़रीब (क़यामत में) देखी जाएगी [51]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नज्म आयत 40 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नज्म तफ़सीर - आयत 40

"और यह कि उसकी कोशिश अनक़रीब (क़यामत में) देखी जाएगी [51]!"


[51] आमाल की जाँच-पड़ताल और नीयत की अहमियत

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि इंसान का हर अमल हश्र के दिन सामने लाया जाएगा:

  • नीयत की परख: अमल चाहे छुपा कर किया गया हो या ज़ाहिर में, फ़रिश्तों के लिखे हुए आमालनामे में उसकी नीयत की परख होगी और उसी नीयत के मुताबिक़ जज़ा या सज़ा मुक़र्रर होगी।

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