कुरान - 53:42 सूरह अन-नज्म अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

42
وَأَنَّ إِلَىٰ رَبِّكَ ٱلۡمُنتَهَىٰ

Transliteration: (Wa anna ilaa rabbikal muntahaa)

और यह कि बेशक तुम्हारे रब ही की तरफ़ आख़िरी पहुँचना (पलटना) है [53]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नज्म आयत 42 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नज्म तफ़सीर - आयत 42

"और यह कि बेशक तुम्हारे रब ही की तरफ़ आख़िरी पहुँचना (पलटना) है [53]!"


[53] रब्बे-करीम की तरफ़ रुजूअ और वापसी

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि 'इला रब्बिकल मुन्तहा' से मुराद यह है कि तमाम मख़लूक़ात का आख़िरी ठिकाना और वापसी अल्लाह ही की तरफ़ है:

  • दो तरह की वापसी: नेक बंदे ख़ुशी और शादमानी के साथ अपने रब की बारगाह में हाज़िर होंगे, जबकि काफ़िरों और नाफ़रमानों को ज़बरदस्ती घसीट कर पेश किया जाएगा।

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