Transliteration: (Wa anna ilaa rabbikal muntahaa)
"और यह कि बेशक तुम्हारे रब ही की तरफ़ आख़िरी पहुँचना (पलटना) है [53]!"
हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि 'इला रब्बिकल मुन्तहा' से मुराद यह है कि तमाम मख़लूक़ात का आख़िरी ठिकाना और वापसी अल्लाह ही की तरफ़ है:
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