कुरान - 53:54 सूरह अन-नज्म अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

54
فَغَشَّىٰهَا مَا غَشَّىٰ

Transliteration: (Faghashshaahaa maa ghashshaa)

फिर उन पर छा दिया जो कुछ छा दिया (पत्थरों का अज़ाब) [65]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नज्म आयत 54 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नज्म तफ़सीर - आयत 54

"फिर उन पर छा दिया जो कुछ छा दिया (पत्थरों का अज़ाब) [65]!"


[65] पत्थरों की बारिश का भयानक अज़ाब

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि बस्तियों को उलटने के बाद उन पर पकी हुई मिट्टी के पत्थरों की ऐसी बारिश बरसाई गई जिससे पूरी ज़मीन पत्थरों से ढक गई और उनका नाम मिट गया।

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