कुरान - 4:126 सूरह अन-निसा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

126
وَلِلَّهِ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَا فِي ٱلۡأَرۡضِۚ وَكَانَ ٱللَّهُ بِكُلِّ شَيۡءٖ مُّحِيطٗا

Transliteration: (Wa lillaahi maa fis samaawaati wa maa fil ard; wa kaanal laahu bikulli shai'im muheetaa)

आसमानों और ज़मीन में जो कुछ है वह सब अल्लाह ही का है [377], और अल्लाह ने हर चीज़ को पूरी तरह घेर रखा है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-निसा आयत 126 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अन-निसा – आयत 126 की तफ़्सीर

 

✅ [377] तमाम मख़लूक़ पर अल्लाह का मालिकाना हक़

"आसमानों और ज़मीन में जो कुछ है" — इसका मतलब सिर्फ़ वही चीज़ें नहीं हैं जो हमें नज़र आती हैं या जिनका हमें ज्ञान है। बल्कि इंसानी समझ जिन चीज़ों तक पहुँचती है, उन्हें ज़िक्र करके यह बताया गया कि दिखने वाली हो या छुपी हुई, हर चीज़ अल्लाह ही की मिल्कियत है। हर मादी और ग़ैर-मादी वजूद पर अल्लाह का ही हक़ है।

✅ अल्लाह का सब पर पूरी तरह हावी होना

आयत के आख़िर में कहा गया कि अल्लाह ने हर चीज़ को पूरी तरह घेर रखा है, यानी उसका इल्म, क़ुदरत और हुकूमत हर चीज़ पर हावी है। कोई भी चीज़ उसकी सल्तनत से बाहर नहीं, ना आसमान में, ना ज़मीन में, ना इनके पार। यह अल्लाह की कुल्ली हाक़िमियत और बेमिसाल कब्रत का खुला बयान है।

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