कुरान - 4:138 सूरह अन-निसा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

138
بَشِّرِ ٱلۡمُنَٰفِقِينَ بِأَنَّ لَهُمۡ عَذَابًا أَلِيمًا

Transliteration: (Bashshiril munaafiqeena bi anna lahum 'azaaban aleemaa)

मुनाफ़िक़ों को ख़ुशख़बरी दे दो कि उनके लिए दर्दनाक अज़ाब है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-निसा आयत 138 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अन-निसा – आयत 138 की तफ़्सीर

 

✅ [कोई संख्या निर्देशित नहीं — सामान्य चेतावनी] मुनाफ़िक़ों के लिए दर्दनाक अज़ाब की घोषणा

यह एक तंज़िया (व्यंग्यात्मक) बयान है — “ख़ुशख़बरी” शब्द का उपयोग वास्तव में उनके लिए चेतावनी और धमकी के रूप में किया गया है।
मुनाफ़िक़, यानी वे लोग जो ज़बान से ईमान का इज़हार करते हैं लेकिन दिल से इनकार करते हैं, उन्हें यह बताया जा रहा है कि उनके लिए दर्दनाक और सख़्त सज़ा तय है।
यह आयत मुनाफ़िक़त के गंभीर गुनाह और उसके अंजाम को खुलकर उजागर करती है, ताकि सच्चे ईमान वालों को सावधान कर सके और मुनाफ़िक़ों को चेतावनी दे सके।

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