Transliteration: (Yaaa aiyuhan naasu qad jaaa'akumur Rasoolu bilhaqqi mir Rabbikum fa ammminoo khairal lakum; wa in takfuroo fainnna lillaahi maa fis samaawaati wal ard; wa kaanal laahu 'Aleemann hakeemaa)
इस आयत में बताया गया कि मुहम्मद ﷺ की पूरी ज़ात हक़ का मज़हर है:
📌 यह आयत रसूल ﷺ के हर पहलू में सचाई और पवित्रता की गवाही देती है।
हमारी इस दुनिया में मौजूदगी एक नतीजा हो सकती है,
लेकिन रसूल ﷺ को भेजना अल्लाह का सीधा और मक़सदपूर्ण फ़ैसला था।
📌 इसलिए अल्लाह फ़रमा रहा है — ‘तो ईमान लाओ, यह तुम्हारे ही लिए बेहतर है।’
और अगर कोई इंकार करे तो अल्लाह को किसी के ईमान की ज़रूरत नहीं —
आसमानों और ज़मीन की हर चीज़ का मालिक वही है,
और उसे हर चीज़ का इल्म है, और हर हुक्म में हिकमत है।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat