कुरान - 4:57 सूरह अन-निसा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

57
وَٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّـٰلِحَٰتِ سَنُدۡخِلُهُمۡ جَنَّـٰتٖ تَجۡرِي مِن تَحۡتِهَا ٱلۡأَنۡهَٰرُ خَٰلِدِينَ فِيهَآ أَبَدٗاۖ لَّهُمۡ فِيهَآ أَزۡوَٰجٞ مُّطَهَّرَةٞۖ وَنُدۡخِلُهُمۡ ظِلّٗا ظَلِيلًا

Transliteration: (Wallazeena aamanoo wa 'amilus saalihaati sanud khiluhum jannaatin tajree min tahtihal anhaaru khaalideena feehaaa abadaa, lahum feehaaa azwaajum mutahharatun wa nudkhiluhum zillan zaleelaa)

जो लोग ईमान लाए और अच्छे कर्म किए [198], उन्हें हम जल्द ही ऐसे बाग़ों में दाख़िल करेंगे जिनके नीचे नहरें बहती होंगी [199], वे उनमें सदा रहेंगे। उनके लिए वहाँ पाक़ बीवियाँ होंगी [200]। और हम उन्हें ऐसे स्थान में दाख़िल करेंगे जहाँ घना साया होगा [201]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-निसा आयत 57 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अन-निसा – आयत 57 की तफ़्सीर

 

✅ [198] जन्नत के कई बाग़ात

इससे मुराद यह है कि जन्नत के हर बाशिंदे को एक से अधिक जन्नतें दी जाएँगी। हर तरह के नेक अमल के बदले अलग-अलग तरह की जन्नतें मिलेंगी। इसके अलावा ये लोग उन जन्नतों के भी वारिस बनेंगे जो काफ़िरों को मिलतीं, अगर वे ईमान लाते। जैसे जन्नत में बहुत सी नहरें होंगी, वैसे ही वहाँ कई बाग़ात भी होंगे।

✅ [199] जन्नत में संगिनी का इनाम

हर जन्नती को बहुत सी बीवियाँ मिलेंगी, जिनमें शामिल होंगी:

  • दुनिया की उसकी ईमान वाली पत्नी
  • जन्नत की हूरें
  • वे ईमानदार औरतें जिनके शौहर जहन्नम में चले गए होंगे

ये औरतें हर तरह की शारीरिक व मानसिक गंदगियों से पाक़ होंगी, जैसे:

  • हैज़
  • निफ़ास
  • थूक, बलग़म, गंदगी
  • बुरा मिज़ाज

उनका यह कमाल और पाकीज़गी जन्नत की हमेशा की नेमतों में से होगी।

✅ [200] जन्नत का साया – सुकून की निशानी

यहाँ साये से मुराद यह नहीं कि धूप से बचने की जगह होगी, क्योंकि जन्नत में सूरज ही नहीं होगा। वहाँ हर चीज़ को अल्लाह का नूर रोशन करेगा। ये साया सुकून, ठंडक और राहत की अलामत है, जो जन्नत के ख़ास माहौल का हिस्सा होगा।

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