Transliteration: (Wallazeena aamanoo wa 'amilus saalihaati sanud khiluhum jannaatin tajree min tahtihal anhaaru khaalideena feehaaa abadaa, lahum feehaaa azwaajum mutahharatun wa nudkhiluhum zillan zaleelaa)
इससे मुराद यह है कि जन्नत के हर बाशिंदे को एक से अधिक जन्नतें दी जाएँगी। हर तरह के नेक अमल के बदले अलग-अलग तरह की जन्नतें मिलेंगी। इसके अलावा ये लोग उन जन्नतों के भी वारिस बनेंगे जो काफ़िरों को मिलतीं, अगर वे ईमान लाते। जैसे जन्नत में बहुत सी नहरें होंगी, वैसे ही वहाँ कई बाग़ात भी होंगे।
हर जन्नती को बहुत सी बीवियाँ मिलेंगी, जिनमें शामिल होंगी:
ये औरतें हर तरह की शारीरिक व मानसिक गंदगियों से पाक़ होंगी, जैसे:
उनका यह कमाल और पाकीज़गी जन्नत की हमेशा की नेमतों में से होगी।
यहाँ साये से मुराद यह नहीं कि धूप से बचने की जगह होगी, क्योंकि जन्नत में सूरज ही नहीं होगा। वहाँ हर चीज़ को अल्लाह का नूर रोशन करेगा। ये साया सुकून, ठंडक और राहत की अलामत है, जो जन्नत के ख़ास माहौल का हिस्सा होगा।
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