कुरान - 4:80 सूरह अन-निसा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

80
مَّن يُطِعِ ٱلرَّسُولَ فَقَدۡ أَطَاعَ ٱللَّهَۖ وَمَن تَوَلَّىٰ فَمَآ أَرۡسَلۡنَٰكَ عَلَيۡهِمۡ حَفِيظٗا

Transliteration: (Many yuti'ir Rasoola faqad ataa'al laaha wa man tawallaa famaaa arsalnaaka 'alaihim hafeezaa)

जिसने रसूल की इताअत की उसने दरअसल अल्लाह ही की इताअत की; और जिसने मुंह फेरा तो हमने आपको उन पर कोई निगहबान बनाकर नहीं भेजा। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-निसा आयत 80 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अन-निसा - आयत 80

✅ इताअते रसूल ही इताअते इलाही है

यह आयत अक़ीदा-ए-रिसालत का बुनियादी सुतून है। नबी करीम (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) का हर हुक्म अल्लाह ही का हुक्म है, लिहाज़ा रसूल की इताअत ख़ुद अल्लाह की इताअत है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now