कुरान - 4:79 सूरह अन-निसा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

79
مَّآ أَصَابَكَ مِنۡ حَسَنَةٖ فَمِنَ ٱللَّهِۖ وَمَآ أَصَابَكَ مِن سَيِّئَةٖ فَمِن نَّفۡسِكَۚ وَأَرۡسَلۡنَٰكَ لِلنَّاسِ رَسُولٗاۚ وَكَفَىٰ بِٱللَّهِ شَهِيدٗا

Transliteration: (Maaa asaabaka min hasanatin faminal laahi wa maaa asaaabaka min saiyi'atin famin nafsik; wa arsalnaaka linnaasi Rasoolaa; wa kafaa billaahi Shaheedaa)

तुम्हें जो भी भलाई पहुँचती है, वह अल्लाह की ओर से है, और जो बुराई तुम पर आती है, वह तुम्हारे अपने (कर्मों) की वजह से है। और ऐ महबूब (मुहम्मद ﷺ), हमने आपको सारे इंसानों के लिए रसूल बनाकर भेजा है, और अल्लाह गवाह होने के लिए काफी है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-निसा आयत 79 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अन-निसा – आयत 79 की तफ़्सीर

✅ [254] भलाई – अल्लाह की नेमत
दुनिया या आख़िरत की हर तरह की भलाई सीधे अल्लाह तआला के फ़ज़्ल और रहमत से मिलती है। वही है जो देता है:

  • रोज़ी-रोटी
  • सेहत
  • हिदायत
  • फ़तह (जीत)
  • दोनों जहानों में कामयाबी
    हर नेमत उसकी रहमत का ज़ाहिरी रूप है, चाहे हालात जैसे भी हों।

✅ [255] बुराई – अपने कर्मों का नतीजा
इंसान पर आने वाली हर मुसीबत, तकलीफ़ या नुक़सान उसके अपने ग़लत कामों या कोताहियों का परिणाम है। यह याद दिलाता है:

  • इंसान अपने कर्मों के लिए ज़िम्मेदार है
  • तौबा की ज़रूरत है
  • गुनाह से बचना ज़रूरी है
    अल्लाह इजाज़त देता है कि नतीजा सामने आए, लेकिन असली वजह इंसान के अपने आमाल होते हैं। यह आयत, आयत 78 के बयान “सब कुछ अल्लाह की तरफ़ से है” की तफ़्सील है, जिसमें वजह और नतीजे की हकीकत को स्पष्ट किया गया।

✅ [256] नबी ﷺ – सारे जहानों के लिए रसूल
अल्लाह अपने प्यारे नबी मुहम्मद ﷺ से फरमा रहा है:

  • आपको सिर्फ़ किसी क़बीले या क़ौम के लिए नहीं, बल्कि तमाम इंसानों के लिए क़ियामत तक के लिए रसूल बनाकर भेजा गया है।
  • आपका पैग़ाम हर ज़माने और हर जगह के लिए है।
  • अल्लाह ख़ुद आपके रसूल होने का गवाह है—इससे बड़ी गवाही कोई नहीं।

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