कुरान - 55:10 सूरह अर-रहमान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

10
وَٱلۡأَرۡضَ وَضَعَهَا لِلۡأَنَامِ

Transliteration: (Wal arda wada'ahaa lilanaam)

और उसने ज़मीन को मख़लूक़ात के लिए बिछाया [10]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-रहमान आयत 10 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अर-रहमान तफ़सीर - आयत 10

"और उसने ज़मीन को मख़लूक़ात के लिए बिछाया [10]!"


[10] मख़लूक़ात के नफ़े के लिए ज़मीन का फ़र्श

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि 'अनाम' से मुराद तमाम जानदार हैं—इंसान, जिन्न, चौपाए और परिंदे। अल्लाह ने ज़मीन को एक हमवार फ़र्श की तरह बिछा दिया ताकि तमाम मख़लूक़ात इस पर सुकून से ज़िन्दगी गुज़ार सकें और इसके फल-फूल और चश्मों से फ़ायदा उठाएँ।

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