कुरान - 55:11 सूरह अर-रहमान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

11
فِيهَا فَٰكِهَةٞ وَٱلنَّخۡلُ ذَاتُ ٱلۡأَكۡمَامِ

Transliteration: (Feehaa faakihatunw wan nakhlu zaatul akmaam)

जिसमें फल और ग़िलाफ़ वाले खजूर के दरख़्त हैं [11]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-रहमान आयत 11 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अर-रहमान तफ़सीर - आयत 11

"जिसमें फल और ग़िलाफ़ वाले खजूर के दरख़्त हैं [11]!"


[11] खजूर की ख़ास फ़ज़ीलत और ग़िज़ा

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि गोया खजूर भी फलों में दाख़िल है, मगर उसकी अज़ीम अफ़ादियत और मुतबर्रक होने की वजह से उसका अलग ज़िक्र हुआ। खजूर तमाम अम्बिया-ए-किराम और बिलख़ुसूस हुज़ूर नबी-ए-करीम ﷺ की महबूब ग़िज़ा रही है।

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