Transliteration: (Kullu man 'alaihaa faan)
"ज़मीन पर जो कोई है, फ़ना होने वाला है [24]।"
हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि कायनात की हर जानदार मख़लूक़—इंसान, जिन्न, चौपाए, परिंदे—को मौत का ज़ायक़ा चखना है। दुनिया की कोई ताक़त, दौलत या हुकूमत हमेशा रहने वाली नहीं। यह आयत बंदे को दुनिया की बे-सबाती और आख़िरत की तय्यारी का पैग़ाम देती है।
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