कुरान - 55:36 सूरह अर-रहमान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

36
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

Transliteration: (Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.)

तो तुम दोनों अपने रब की कौन-कौन सी नेमतों को झुठलाओगे? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-रहमान आयत 36 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अर-रहमान तफ़सीर - आयत 36

"तो तुम दोनों अपने रब की कौन-कौन सी नेमतों को झुठलाओगे?"


अज़ाब से डराना भी मोमिनों के लिए रहमत है

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि हौलनाक अज़ाब का ज़िक्र करके डराना भी दरअस्ल अल्लाह की नेमत है ताकि बंदा गुनाहों से तौबा कर ले और अपनी आख़िरत संवार ले।

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