कुरान - 55:37 सूरह अर-रहमान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

37
فَإِذَا ٱنشَقَّتِ ٱلسَّمَآءُ فَكَانَتۡ وَرۡدَةٗ كَٱلدِّهَانِ

Transliteration: (Fa-izan shaqqatis samaaa'u fakaanat wardatan kaddihaan)

फिर जब आसमान फट जाएगा और लाल चमड़े या सुर्ख़ तेल की तरह गुलाब जैसा लाल हो जाएगा [33]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-रहमान आयत 37 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अर-रहमान तफ़सीर - आयत 37

"फिर जब आसमान फट जाएगा और लाल चमड़े या सुर्ख़ तेल की तरह गुलाब जैसा लाल हो जाएगा [33]!"


[33] आसमान का फटना और सुर्ख़ गुलाब की तरह रंग बदलना

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि क़यामत के दिन जब आसमान फटेगा तो उसकी ज़ाहिरी शक्ल बदल जाएगी। वह पिघले हुए सुर्ख़ तेल या लाल रंगे हुए चमड़े की तरह सुर्ख़ गुलाब जैसा नज़र आएगा। यह कायनात के पुराने निज़ाम के ख़ातमे और अज़ीम इंकि़लाब का दिन होगा।

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