Transliteration: (Fa-izan shaqqatis samaaa'u fakaanat wardatan kaddihaan)
"फिर जब आसमान फट जाएगा और लाल चमड़े या सुर्ख़ तेल की तरह गुलाब जैसा लाल हो जाएगा [33]!"
हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि क़यामत के दिन जब आसमान फटेगा तो उसकी ज़ाहिरी शक्ल बदल जाएगी। वह पिघले हुए सुर्ख़ तेल या लाल रंगे हुए चमड़े की तरह सुर्ख़ गुलाब जैसा नज़र आएगा। यह कायनात के पुराने निज़ाम के ख़ातमे और अज़ीम इंकि़लाब का दिन होगा।
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