कुरान - 55:35 सूरह अर-रहमान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

35
يُرۡسَلُ عَلَيۡكُمَا شُوَاظٞ مِّن نَّارٖ وَنُحَاسٞ فَلَا تَنتَصِرَانِ

Transliteration: (Yursalu 'alaikumaa shuwaazum min naarinw-wa nuhaasun falaa tantasiraan)

तुम दोनों पर आग के बे-धुएँ के शोले और बिना लपट का काला धुआँ छोड़ा जाएगा [31], फिर तुम अपना कोई बचाव न कर सकोगे [32]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-रहमान आयत 35 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अर-रहमान तफ़सीर - आयत 35

"तुम दोनों पर आग के बे-धुएँ के शोले और बिना लपट का काला धुआँ छोड़ा जाएगा [31], फिर तुम अपना कोई बचाव न कर सकोगे [32]!"


[31] जहन्नम की आग और काले धुएँ का अज़ाब

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि 'शुवाज़' से मुराद ऐसी आग का शोला है जिसमें धुआँ न हो और 'नुहास' से मुराद ऐसा काला तरीन धुआँ है जिसमें रोशनी न हो। जब काफ़िर हश्र के मैदान से भागने की कोशिश करेंगे तो फ़रिश्ते इन शोलों और धुएँ से उन्हें घेर लेंगे।

[32] बेबसी और कोई मदद न मिलना

उस वक़्त कोई किसी की मदद न कर सकेगा और न कोई अपनी जान का दिफ़ाअ कर सकेगा। ज़ालिमों का सारा घमंड ख़ाक में मिल जाएगा।

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