कुरान - 55:55 सूरह अर-रहमान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

55
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

Transliteration: (Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.)

तो तुम दोनों अपने रब की कौन-कौन सी नेमतों को झुठलाओगे? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-रहमान आयत 55 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अर-रहमान तफ़सीर - आयत 55

"तो तुम दोनों अपने रब की कौन-कौन सी नेमतों को झुठलाओगे?"


जन्नती आशाइशों और नेमतों का शुक्र

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि जन्नत की यह बे-मशक़्क़त राहतें और नेमतें अल्लाह की बेमिसाल सख़ावत का इज़हार हैं।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now