कुरान - 55:57 सूरह अर-रहमान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

57
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

Transliteration: (Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.)

तो तुम दोनों अपने रब की कौन-कौन सी नेमतों को झुठलाओगे? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-रहमान आयत 57 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अर-रहमान तफ़सीर - आयत 57

"तो तुम दोनों अपने रब की कौन-कौन सी नेमतों को झुठलाओगे?"


पाकीज़ा रफ़ीक़-ए-हयात की नेमत

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि बाहया, वफ़ादार और हसीन रफ़ीक़-ए-हयात अल्लाह की अज़ीम नेमत है जो जन्नत में दायमी तौर पर नसीब होगी।

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