कुरान - 55:59 सूरह अर-रहमान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

59
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

Transliteration: (Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan.)

तो तुम दोनों अपने रब की कौन-कौन सी नेमतों को झुठलाओगे? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-रहमान आयत 59 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अर-रहमान तफ़सीर - आयत 59

"तो तुम दोनों अपने रब की कौन-कौन सी नेमतों को झुठलाओगे?"


जन्नत के बेमिसाल हुस्न व जमाल की नेमतें

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि इस बेमिसाल जमाल और रूहानी सुकून पर मुनकिर रहना इंतिहाई महरूमी है।

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