कुरान - 55:58 सूरह अर-रहमान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

58
كَأَنَّهُنَّ ٱلۡيَاقُوتُ وَٱلۡمَرۡجَانُ

Transliteration: (Ka annahunnal yaaqootu wal marjaan)

गोया वे याक़ूत और मरजान हैं [53]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-रहमान आयत 58 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अर-रहमान तफ़सीर - आयत 58

"गोया वे याक़ूत और मरजान हैं [53]!"


[53] याक़ूत व मरजान की तरह हुस्न, शफ़्फ़ाफ़ियत और पाकीज़गी

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि हदीस शरीफ़ में है कि जन्नती हूर के हुस्न और शफ़्फ़ाफ़ियत का यह आलम होगा कि उसकी पिंडली का गूदा सत्तर लिबासों के बाहर से ऐसे नज़र आएगा जैसे साफ़ शीशे की सुराही में से लाल शराब झलकती है। वे याक़ूत की तरह सुर्खी और मरजान की तरह पाकीज़ा व बे-दाग़ होंगी।

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