कुरान - 37:142 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

142
فَٱلۡتَقَمَهُ ٱلۡحُوتُ وَهُوَ مُلِيمٞ

Transliteration: (Faltaqamahul hootu wa huwa muleem)

फिर मछली ने उन्हें निगल लिया [142, 143], जबकि वे अपने आपको मलामत (ख़तावार) महसूस फ़रमा रहे थे [144]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 142 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 142

"फिर मछली ने उन्हें निगल लिया [142, 143], और वे ख़ुद को मलामत फ़रमा रहे थे [144]!"

[142-143] मछली का हज़रत यूनुस को निगलना

हज़रत यूनुस (अलैहिस्सलाम) दरिया में कूदे और अल्लाह के हुक्म से एक अज़ीम मछली (हूत) ने उन्हें बिला-नुक़सान निगल लिया। मछली को हुक्म था कि यह मेरा नबी है, न इसका गोश्त खाना, न इसकी हड्डी तोड़ना, बल्कि तुम्हारा पेट उसके लिए एक क़ैदख़ाना है।

[144] मक़ामे मलामत और आजिज़ी

हज़रत यूनुस (अलैहिस्सलाम) ने समझा कि क़ौम को छोड़कर जल्दी निकलने में शायद मुझ से तरके औला हुआ है, इसलिए वे निहायत आजिज़ी के साथ इस्तग़फ़ार फ़रमाने लगे।

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