कुरान - 37:144 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

144
لَلَبِثَ فِي بَطۡنِهِۦٓ إِلَىٰ يَوۡمِ يُبۡعَثُونَ

Transliteration: (Lalabisa fee batniheee ilaa Yawmi yub'asoon)

तो यक़ीनन वे उस (मछली) के पेट में उस दिन तक रहते जब लोग दोबारा उठाए जाएंगे (क़ियामत तक) [146]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 144 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 144

"तो वे उसके पेट में क़ियामत के दिन तक रहते [146]!"

[146] अल्लाह की क़ुदरत और दायमी हयात का इमकान

अगर हज़रत यूनुस (अलैहिस्सलाम) तस्बीह न करते, तो अल्लाह क़ादिर था कि मछली और यूनुस दोनों को क़ियामत तक ज़िंदा रखता और वही मछली का पेट उनकी क़ब्र बन जाता। इससे यह भी साबित होता है कि अल्लाह चाहे तो इंसान को सदियों तक ज़िंदा रख सकता है (जैसे हज़रत ईसा, हज़रत ख़िज़्र और हज़रत इलयास अलैहिमुस्सलाम)।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now