कुरान - 37:146 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

146
وَأَنۢبَتۡنَا عَلَيۡهِ شَجَرَةٗ مِّن يَقۡطِينٖ

Transliteration: (Wa ambatnaa 'alaihi shajaratam mai yaqteen)

और हमने उन पर कद्दू (लौकी) की एक बेल उगा दी [149]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 146 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 146

"और हमने उन पर कद्दू की एक बेल उगा दी [149];"

[149] कद्दू की बेल का साया और बकरी का दूध

अल्लाह तआला ने कु़दरत से फ़ौरन कद्दू (यक़्तीन) की बेल उगाई जिसके घने पत्तों ने हज़रत यूनुस पर साया किया और मक्खियों को दूर रखा। रोज़ाना एक जंगली बकरी आकर आपको दूध पिलाती थी जिससे आपकी ताक़त बहाल हुई। हुज़ूर अकरम ﷺ को भी कद्दू (लौकी) का सालन बेहद महबूब था।

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