कुरान - 37:153 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

153
أَصۡطَفَى ٱلۡبَنَاتِ عَلَى ٱلۡبَنِينَ

Transliteration: (Astafal banaati 'alal baneen)

क्या उसने बेटों के मुक़ाबले में बेटियों को पसंद कर लिया है? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 153 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 153

"क्या उसने बेटों के मुक़ाबले में बेटियों को पसंद कर लिया है?"

मुशरिकीन की जाहिलाना अक़्ल पर चोट करते हुए फ़रमाया गया कि जब तुम ख़ुद अपने लिए बेटियों को नापसंद करते हो और बेटों को इज़्ज़त समझते हो, तो अपने ख़ालिक़ व मालिक के लिए बेटियों की निस्बत किस बद-तरीन बेवक़ूफ़ी से करते हो?

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