कुरान - 37:157 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

157
فَأۡتُواْ بِكِتَٰبِكُمۡ إِن كُنتُمۡ صَٰدِقِينَ

Transliteration: (Faatoo bi Kitaabikum in kuntum saadiqeen)

तो लाओ अपनी किताब [158] अगर तुम सच्चे हो। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 157 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 157

"तो लाओ अपनी किताब [158] अगर तुम सच्चे हो।"

[158] सनद व दलील पेश करने का चैलेंज

यहाँ 'किताब' से मुराद कोई आसमानी सहीफ़ा या किताब नहीं है, क्योंकि जिन लोगों से ख़िताब है (मुशरिकीने मक्का) वे अहले किताब (यहूद व नसारा) में से नहीं थे और न उनके पास कोई किताब थी।

बल्कि यह एक इल्हामी चैलेंज है कि कोई सनद, तहरीर या दलील पेश करो जो तुम्हारे इस झूठे दावे की ताईद करती हो कि अल्लाह की बेटियां हैं।

यह आयत उन्हें झंझोड़ती है कि अपनी बात पर कोई सनद लाओ—जिसे वे क़यामत तक नहीं ला सकते—ताकि उनके अक़ीदे का बे-बुनियाद होना पूरी दुनिया पर ज़ाहिर हो जाए।

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