कुरान - 37:167 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

167
وَإِن كَانُواْ لَيَقُولُونَ

Transliteration: (Wa in kaanoo la yaqooloon)

और बेशक वे कहा करते थे [166]: (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 167 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 167

"और बेशक वे कहा करते थे [166]:"

[166] मुशरिकीने मक्का के झूठे दावे

यह आयत हुज़ूर नबी-ए-करीम ﷺ की बेअसत से पहले मुशरिकीने मक्का के बयानात और ख़्यालात की तरफ़ इशारा करती है।

यहाँ उनके पुराने दावों को ज़ाहिर करके उनके खुले निफ़ाक़ और इनकार को बे-नक़ाब किया गया है कि वे किस तरह अपनी कही हुई बातों से मुकर गए।

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