कुरान - 37:31 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

31
فَحَقَّ عَلَيۡنَا قَوۡلُ رَبِّنَآۖ إِنَّا لَذَآئِقُونَ

Transliteration: (Fahaqqa 'alainaa qawlu Rabbinaaa innaa lazaaa'iqoon)

पस हम पर हमारे रब की बात साबित हो चुकी कि हम यक़ीनन (अज़ाब का) मज़ा चखने वाले हैं [32]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 31 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 31

"पस हम पर हमारे रब की बात साबित हो चुकी कि हम यक़ीनन मज़ा चखने वाले हैं [32]!"

[32] अज़ाबे इलाही का क़तई साबित होना

गुमराह करने वाले सरदार और उनके पैरोकार दोनों बिल-आख़िर ऐतराफ़ करेंगे कि अल्लाह तआला का यह फ़रमान कि नाफ़रमानों और काफ़िरों का ठिकाना जहन्नम है, आज हम सब पर साबित हो चुका और अब हम में से कोई भी इस हौलनाक अज़ाब से बच नहीं सकता।

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