कुरान - 37:33 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

33
فَإِنَّهُمۡ يَوۡمَئِذٖ فِي ٱلۡعَذَابِ مُشۡتَرِكُونَ

Transliteration: (Fa innahum Yawma'izin fil'azaabi mushtarikoon)

पस बेशक वे सब के सब आज के दिन अज़ाब में शरीक हैं; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 33 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 33

"पस बेशक वे सब के सब आज के दिन अज़ाब में शरीक हैं;"

क़ियामत के दिन गुमराह करने वाले सरदार और उनकी पैरवी करने वाले अवाम, दोनों एक साथ जहन्नम की आग में जलेंगे। उनका आपस में झगड़ना या एक दूसरे पर इल्ज़ाम लगाना किसी के अज़ाब में कमी नहीं कर सकेगा।

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