कुरान - 37:54 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

54
قَالَ هَلۡ أَنتُم مُّطَّلِعُونَ

Transliteration: (Qaala hal antum muttali'oon)

(वह मोमिन अपने जन्नती साथियों से या फ़रिश्ता उससे कहेगा:) "क्या तुम झांक कर देखना चाहते हो [54]?" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 54 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 54

"कहा जाएगा: 'क्या तुम झांक कर देखना चाहते हो [54]?'"

[54] जन्नत की बुलंदी से जहन्नम का नज़ारा

जन्नत इंतिहाई बुलंदी पर है और जहन्नम गहराई (असफ़लस साफ़िलीन) में। अल्लाह की क़ुदरत से अहले जन्नत को नीचे जहन्नम में झांकने और अपने उस साथी का अंजाम देखने का मौक़ा दिया जाएगा।

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