कुरान - 37:55 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

55
فَٱطَّلَعَ فَرَءَاهُ فِي سَوَآءِ ٱلۡجَحِيمِ

Transliteration: (Fattala'a fara aahu fee sawaaa'il Jaheem)

फिर वह झांक कर देखेगा, तो उसे भड़कती हुई आग (जहन्नम) के ठीक बीच में पाएगा [55]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 55 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 55

"फिर वह झांक कर देखेगा, तो उसे भड़कती हुई आग के बीच में पाएगा [55]!"

[55] अहले जन्नत की तेज़ नज़र

अहले जन्नत की बीनाई इतनी तेज़ और कामिल होगी कि वे दूर गहराइयों में जल रहे मुजरिमों को साफ़ देख सकेंगे और उनसे बात भी कर सकेंगे। वह देखेगा कि उसका दोस्त जहन्नम के दहकते अंगारों में तड़प रहा है।

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