कुरान - 37:99 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

99
وَقَالَ إِنِّي ذَاهِبٌ إِلَىٰ رَبِّي سَيَهۡدِينِ

Transliteration: (Wa qaala innee zaahibun ilaa Rabbee sa yahdeen)

और उन्होंने फ़रमाया: "बेशक मैं अपने रब की तरफ़ जाने वाला हूँ [99], वह मुझे हिदायत फ़रमाएगा [100]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 99 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 99

"और फ़रमाया: 'बेशक मैं अपने रब की तरफ़ जाने वाला हूँ [99], वह मुझे हिदायत फ़रमाएगा [100]!'"

[99] अल्लाह की ख़ातिर हिजरत

आग से सलामत निकलने के बाद जब क़ौम अपनी ज़िद पर क़ायम रही, तो हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) ने अपने वतन (इराक़) को छोड़कर शाम (सीरिया) की तरफ़ हिजरत फ़रमाई। अल्लाह की रज़ा के लिए वतन छोड़ना दरअस्ल अल्लाह की तरफ़ सफ़र करना है।

[100] हिदायत और नुसरत की उम्मीद

आपने फ़रमाया कि मेरा रब मुझे उन मक़ामात की रहनुमाई फ़रमाएगा जहाँ मैं आज़ादी के साथ उसकी इबादत कर सकूँ और दीन का पैग़ाम फैला सकूँ।

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