कुरान - 37:98 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

98
فَأَرَادُواْ بِهِۦ كَيۡدٗا فَجَعَلۡنَٰهُمُ ٱلۡأَسۡفَلِينَ

Transliteration: (Fa araadoo bihee kaidan faja 'alnaahumul asfaleen)

फिर उन्होंने उनके ख़िलाफ़ एक बुरी चाल चलनी चाही, मगर हमने उन्हें ही नीचा दिखा दिया (ज़लील कर दिया) [98]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 98 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 98

"मगर हमने उन्हें ही नीचा दिखा दिया [98]!"

[98] आग का गुलज़ार बनना और काफ़िरों की रुसवाई

अल्लाह तआला ने आग को हुक्म फ़रमाया: "या नारू कूनी बरदौंव व सलामन अला इब्राहीम" (ऐ आग! ठंडी और सलामती वाली बन जा)। वह दहकती हुई आग हज़रत इब्राहीम के लिए फूलों का बाग़ बन गई। काफ़िरों का मक्र-ओ-फ़रेब ख़ाक में मिल गया और वे पूरी दुनिया में ज़लील-ओ-रुस्वा हुए।

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