कुरान - 91:10 सूरह अश-शम्स अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

10
وَقَدۡ خَابَ مَن دَسَّىٰهَا

Transliteration: (Wa qad khaaba man dassaahaa )

10. और निश्चित रूप से वह बर्बाद हुआ जिसने इसे (आत्मा को) गंदा किया। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शम्स आयत 10 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

विश्वास और गुनाह के चरण (The Stages of Infidelity and Sin)

शैतान का उद्देश्य व्यक्ति को भटकाने के लिए एक क्रमबद्ध रणनीति अपनाता है:

  1. इच्छाशक्ति से जुड़े कर्म (Mustahab): सबसे पहले, व्यक्ति को इच्छाशक्ति से जुड़े कर्मों से दूर किया जाता है।
  2. सुन्नत के कर्म (Sunnat): फिर, उसे सुन्नत (प्रेषित पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के अभ्यास) कर्मों को छोड़ने के लिए प्रेरित किया जाता है।
  3. वाजिब के कर्म (Wajib): इसके बाद, शैतान वाजिब (आवश्यक) कर्मों को निशाना बनाता है।
  4. फर्ज के कर्म (Fard): फिर व्यक्ति को फर्ज (अनिवार्य) कर्मों की अनदेखी करने के लिए मजबूर किया जाता है।
  5. सही विश्वास (Correct Beliefs): आखिरकार, शैतान उसके सही विश्वासों पर हमला करता है, जिससे पूरी तरह से गुमराही होती है।

गुनाह से बचाव (Defending Against Sin)

पहला कदम रोकना (Preventing the First Step): चोर को दरवाजे पर ही रोक लो; दुश्मन को सीमा पार न करने दो। छोटे गुनाह या नासमझी को शुरू में ही ठीक किया जाना चाहिए। उदाहरण के लिए, जब बच्चा कुछ पैसे चुराता है, तो उसे सिखाने के लिए सजा दो कि ईमानदारी कितनी महत्वपूर्ण है।

पाकिज़गी की प्रक्रिया (The Process of Purification)

इंसान को अपनी नीच स्वभाव को शुद्ध करने के लिए प्रयास करना चाहिए, और इस प्रयास में सफलता अक्सर निम्नलिखित पर निर्भर करती है:

पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बक्षिश (The Bounty of the Holy Prophet صَلَّى اللّٰهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ)
पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बक्षिश और शिक्षाएं विश्वासियों को पाकिज़गी की ओर मार्गदर्शन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

पाकिज़गी का रचनाकार अल्लाह है (Allah as the Creator of Purification)
अंततः, पाकिज़गी का रचनाकार केवल अल्लाह ही है।

व्यक्तिगत प्रयास (Personal Efforts)
कभी-कभी पाकिज़गी अपने स्वयं के सच्चे प्रयासों से प्राप्त होती है।

पाक लोगों की दृष्टि (The Gaze of the Pious)
कभी-कभी, पाक लोगों की आशीर्वादपूर्ण और सकारात्मक दृष्टि व्यक्ति को शुद्ध करने में मदद करती है।

अल्लाह की सीधी बक्षिश (The Direct Bounty of Allah)
कुछ समय ऐसा होता है जब पाकिज़गी पूरी तरह से अल्लाह की कृपा और बक्षिश से होती है।

पाकिज़गी और इलाही रहनमाई का ताल्लुक़ (The Link Between Purification and Divine Guidance)

कुरान पाक में पाकिज़गी को विभिन्न संदर्भों में बताया गया है, और इसे विभिन्न स्रोतों से जोड़ा गया है:

  • इंसान के प्रयास (Man’s Efforts): “…और वह उन्हें शुद्ध करता है।”
  • पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम (The Holy Prophet صَلَّى اللّٰهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ): “और वह उन्हें शुद्ध करता है।”
  • अल्लाह की कृपा (Allah Almighty): “नहीं, वह अल्लाह है जो जिसे चाहता है, शुद्ध करता है।” (सूरह अन-निसा, 4:49)

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now