Transliteration: (Inna fee zaalika la Aayatanw wa maa kaana aksaruhum mu'mineen)
"बेशक इसमें बहुत बड़ी निशानी है, मगर उनमें से अक्सर लोग ईमान लाने वाले नहीं थे;"
हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम के इस वाक़िए और मुशरिकों के अंजाम में अक़्लमन्दों के लिए बड़ी इबरत व नसीहत है, लेकिन मक्के के मुशरिक और दुनिया के अक्सर हक़-फ़रामोश लोग नसीहत हासिल करने और ईमान लाने से महरूम रहे।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat