कुरान - 26:119 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

119
فَأَنجَيۡنَٰهُ وَمَن مَّعَهُۥ فِي ٱلۡفُلۡكِ ٱلۡمَشۡحُونِ

Transliteration: (Fa anjainaahu wa mamma'ahoo fil fulkil mashhoon)

तो हमने उन्हें और जो उनके साथ थे [120] उन सबको भरी हुई कश्ती में नजात दे दी [121]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 119 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 119

"तो हमने उन्हें और जो उनके साथ थे [120] भरी हुई कश्ती में नजात दे दी [121];"

[120] अहले-ईमान की मुकम्मल हिफ़ाज़त

अल्लाह तआला ने हज़रत नूह अलैहिस्सलाम की दुआ क़बूल फ़रमाई और आपको और आपके तमाम साथी मोमिनीन को उस अज़ीम तूफ़ान से पूरी तरह महफ़ूज़ व सलामत रखा जिसमें पूरी ज़मीन डूब गई थी।

[121] 'फ़ुल्क़िल मशहून' (सामान व जानवरों से लदी हुई कश्ती)

अल्लाह के हुक्म से हज़रत नूह ने एक बहुत बड़ी कश्ती बनाई जिसे 'फ़ुल्क़िल मशहून' फ़रमाया गया। इसमें हज़रत नूह, उनके अहले-ईमान साथी, उनके ज़रूरी अस्बाब और दुनिया के हर जानदार के नर व मादा जोड़े सवार किए गए थे ताकि तूफ़ान के बाद ज़मीन पर ज़िन्दगी का सिलसिला दोबारा आबाद हो सके।

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