Transliteration: (Wa maa as'alukum 'alaihi min ajrin in ajriya illaa 'alaa Rabbil 'aalameen)
"और मैं इस पर तुमसे कोई उजरत नहीं मांगता [128]; मेरा अजर तो बस तमाम जहानों के रब के ज़िम्मे है [129];"
अंबियाए किराम अपनी तबलीग़ और ख़िदमत के बदले लोगों से माल, दौलत या सरदारी की कोई तमन्ना नहीं रखते। वे पूरी तरह बे-लौस होकर ख़ालिक़ की रज़ा के लिए मख़लूक़ की रहनुमाई करते हैं।
हज़रत हूद ने वाज़ेह फ़रमाया कि मेरा बदला सिर्फ़ तमाम आलम के पालने वाले रब के ज़िम्मे है जो मेरी मेहनत और ख़ुलूस को ख़ूब जानता है और वही मुझे बेहतरीन जज़ा अता फ़रमाएगा।
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