Transliteration: (Wa yadeequ sadree wa laa yantaliqu lisaanee fa arsil ilaa Haaroon)
"और मेरा सीना तंग होता है [15] और ज़बान नहीं चलती, पस हारून की तरफ़ वह्य भेज दीजिए [16];"
बचपन में जलता हुआ अंगारा मुंह में रख लेने की वजह से हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम की ज़बान-ए-मुबारक में कुछ लुकनत (अटकन) थी, जिससे तेज़ गुफ़्तगू के वक़्त परेशानी होती थी और सीने में घुटन महसूस होती थी।
हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम ने दुआ की कि मेरे भाई हज़रत हारून जो इंतिहाई फ़सीहुल-बयान और शीरीं-ज़बान हैं, उन्हें भी वह्य और नबुव्वत अता फ़रमाकर मेरा मददगार बना दीजिए ताकि वे तब्लीग़ के इस अज़ीम काम में मेरा हाथ बटा सकें।
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