कुरान - 26:131 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

131
فَٱتَّقُواْ ٱللَّهَ وَأَطِيعُونِ

Transliteration: (Fattaqul laaha wa atee'oon)

पस अल्लाह से डरो और मेरी इताअत करो [133]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 131 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 131

"पस अल्लाह से डरो और मेरी इताअत करो [133];"

[133] ज़ुल्म छोड़ कर रज़ाए इलाही की तरफ़ रुजू

हज़रत हूद अलैहिस्सलाम ने उन्हें नसीहत फ़रमाई कि अपनी ताक़त और दौलत पर इतराने के बजाए अल्लाह के कह्र व ग़ज़ब से डरो और मेरे बताए हुए अहकाम की पैरवी करो, ताकि अल्लाह की रहमत के हक़दार बन सको।

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