कुरान - 26:132 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

132
وَٱتَّقُواْ ٱلَّذِيٓ أَمَدَّكُم بِمَا تَعۡلَمُونَ

Transliteration: (Wattaqul lazeee amad dakum bimaa ta'lamoon)

और उस ज़ात से डरो जिसने तुम्हारी उन चीज़ों से मदद फ़रमाई जिन्हें तुम ख़ूब जानते हो; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 132 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 132

"और उस ज़ात से डरो जिसने तुम्हारी उन चीज़ों से मदद फ़रमाई जिन्हें तुम ख़ूब जानते हो;"

हज़रत हूद अलैहिस्सलाम ने उन्हें अल्लाह की अनगिनत नेमतों की याद दिलाई कि उस करीम परवरदिगार से डरो जिसने तुम्हें हर तरह की राहत, ताक़त, औलाद और रिज़्क़ के अस्बाब बख़्शे हैं जिन्हें तुम अपनी आंखों से देख रहे हो।

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