कुरान - 26:134 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

134
وَجَنَّـٰتٖ وَعُيُونٍ

Transliteration: (Wa jannaatinw wa 'uyoon)

और बाग़ात और जारी चश्मों के ज़रिये भी [134]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 134 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 134

"और बाग़ात और जारी चश्मों के ज़रिये भी [134];"

[134] रेगिस्तान में सरसब्ज़ बाग़ात और चश्मों की फ़रावानी

क़ौम-ए-आद के इलाके में अल्लाह तआला ने मीठे पानी के चश्मे और सरसब्ज़ व शादाब बाग़ात अता फ़रमाए थे। लेकिन उन्होंने इन नेमतों का शुक्र अदा करने के बजाए नाशुक्री और नाफ़रमानी की राह चुनी।

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