कुरान - 26:136 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

136
قَالُواْ سَوَآءٌ عَلَيۡنَآ أَوَعَظۡتَ أَمۡ لَمۡ تَكُن مِّنَ ٱلۡوَٰعِظِينَ

Transliteration: (Qaaloo sawaaa'un 'alainaaa awa 'azta am lam takum minal waa'izeen)

वे बोले, 'हमारे लिए बराबर है चाहे आप नसीहत करें या आप नसीहत करने वालों में से न हों [136]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 136 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 136

"वे बोले, 'हमारे लिए बराबर है चाहे आप नसीहत करें या नसीहत करने वालों में न हों [136];"

[136] क़ौम-ए-आद का ढीठपन और हठधर्मी

क़ौम-ए-आद के मगरूर काफ़िरों ने इंतहाई ढीठपन और गुस्ताख़ी से जवाब दिया कि आप चाहे लाख नसीहत करें या ख़ामोश रहें, हम पर आपकी किसी बात का कोई असर होने वाला नहीं। हमने अपने बाप-दादा का रास्ता छोड़ने की क़सम खा रखी है।

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