कुरान - 26:137 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

137
إِنۡ هَٰذَآ إِلَّا خُلُقُ ٱلۡأَوَّلِينَ

Transliteration: (In haazaaa illaa khuluqul awwaleen)

यह तो बस पहले लोगों के रस्म-ओ-रिवाज (और आदतें) हैं [137]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 137 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 137

"यह तो बस पहले लोगों के रस्म-ओ-रिवाज हैं [137];"

[137] हक़ीक़त को पुरानी कहानियां क़रार देना

वे कहने लगे कि यह जो आप हमें मरने के बाद दोबारा ज़िन्दा होने और हिसाब-किताब से डराते हैं, यह कोई नई बात नहीं बल्कि पुराने ज़माने के लोगों की झूठी बातें और आदतें हैं जो यूं ही डराने के लिए कही जाती रही हैं।

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