Transliteration: (Innee akhaafu 'alaikum 'azaaba Yawmin 'azeem)
"बेशक मुझे तुम पर एक बहुत बड़े दिन के अज़ाब का ख़ौफ़ है [135]!'"
हज़रत हूद ने निहायत दर्द-भरे दिल से फ़रमाया कि ऐ मेरी क़ौम! मुझे तुम्हारी इस सरकशी पर अल्लाह के अज़ीम दिन (क़ियामत) और दुनिया में आने वाले उस हौलनाक अज़ाब का सख़्त ख़ौफ़ है जो तुम्हारी इस पूरी आबादी को तबाह कर देगा।
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