Transliteration: (Qaala haazihee naaqatul lahaa shirbunw walakum shirbu yawmim ma'loom)
"(सालेह ने) फ़रमाया, 'यह ऊंटनी है [155]; एक दिन इसके पानी पीने की बारी है और एक दिन तुम्हारे पानी पीने की बारी है;"
क़ौम-ए-समूद के मुतालबे पर हज़रत सालेह अलैहिस्सलाम ने दुआ फ़रमाई तो एक सख़्त चटान फटी और उसमें से एक निहायत अज़ीमुश्शान गाभिन ऊंटनी नमूदार हुई जिसने फ़ौरन बच्चा जना। हज़रत सालेह ने फ़रमाया कि यह अल्लाह की निशानी है। शहर के कुएं के पानी की तक़सीम मुक़र्रर कर दी गई: एक दिन पूरी तरह यह ऊंटनी पानी पिएगी और उस दिन लोग इसका दूध दुहेंगे जो तमाम शहर के लिए काफ़ी होगा, और अगले दिन लोग अपने मवेशियों को पानी पिलाएंगे।
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