कुरान - 26:16 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

16
فَأۡتِيَا فِرۡعَوۡنَ فَقُولَآ إِنَّا رَسُولُ رَبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ

Transliteration: (Faatiyaa Fir'awna faqoolaaa innaa Rasoolu Rabbil 'aalameen)

पस तुम दोनों फ़िरऔन के पास जाओ [21] और कहो, 'बेशक हम तमाम जहानों के रब के भेजे हुए रसूल हैं [22]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 16 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 16

"पस फ़िरऔन के पास जाओ [21] और कहो, 'हम रब्बुल आलमीन के रसूल हैं [22];"

[21] ज़ालिम हुक्मरान के सामने कलिमा-ए-हक़

हज़रत मूसा और हारून अलैहिमुस्सलाम को हुक्म हुआ कि फ़िरऔन के भरे दरबार में जाकर निडर होकर दावत-ए-हक़ पेश करो।

[22] 'रसूलु रब्बिल-आलमीन' का एलान

फ़िरऔन खुद को रब (ख़ुदा) कहता था। हज़रत मूसा ने सबसे पहले इसी बातिल दावे पर चोट की और फ़रमाया कि हम दोनों उस अल्लाह के भेजे हुए रसूल हैं जो तमाम जहानों का अकेला और सच्चा रब है। यहाँ लफ़्ज़ 'रसूल' मुफ़र्रद इस्तेमाल हुआ जो इस बात की तरफ़ इशारा है कि दोनों की रिसालत, दावत और पैग़ाम एक ही है।

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