Transliteration: (Wa maaa anta illaa basharum mislunaa wa innazunnuka laminal kaazibeen)
"और तुम तो बस हमारे जैसे इंसान हो [185], और हम तुम्हें झूठों में से समझते हैं [186];"
उन्होंने ऐतराज़ किया कि तुम भी तो हमारे जैसे गोश्त-पोस्त के इंसान हो, फिर तुम्हें नबूवत का मुक़ाम कैसे मिल गया?
उन्होंने गुस्ताख़ी करते हुए हज़रत शुऐब अलैहिस्सलाम को झूठा ठहराया और उनकी दीनी व अख़लाक़ी हिदायत को झुठला दिया।
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