कुरान - 26:186 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

186
وَمَآ أَنتَ إِلَّا بَشَرٞ مِّثۡلُنَا وَإِن نَّظُنُّكَ لَمِنَ ٱلۡكَٰذِبِينَ

Transliteration: (Wa maaa anta illaa basharum mislunaa wa innazunnuka laminal kaazibeen)

और तुम तो बस हमारे ही जैसे एक इंसान हो [185], और हम तो तुम्हें यक़ीनन झूठों में से समझते हैं [186]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 186 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 186

"और तुम तो बस हमारे जैसे इंसान हो [185], और हम तुम्हें झूठों में से समझते हैं [186];"

[185] बशरियत की आड़ में नबूवत का इंकार

उन्होंने ऐतराज़ किया कि तुम भी तो हमारे जैसे गोश्त-पोस्त के इंसान हो, फिर तुम्हें नबूवत का मुक़ाम कैसे मिल गया?

[186] नबी-ए-हक़ की तकज़ीब

उन्होंने गुस्ताख़ी करते हुए हज़रत शुऐब अलैहिस्सलाम को झूठा ठहराया और उनकी दीनी व अख़लाक़ी हिदायत को झुठला दिया।

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