कुरान - 26:184 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

184
وَٱتَّقُواْ ٱلَّذِي خَلَقَكُمۡ وَٱلۡجِبِلَّةَ ٱلۡأَوَّلِينَ

Transliteration: (Wattaqul lazee khalaqakum waljibillatal awwaleen)

और उस ज़ात से डरो जिसने तुम्हें और पहली मख़्लूक़ात (नस्लों) को पैदा फ़रमाया [184]।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 184 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 184

"और उस ज़ात से डरो जिसने तुम्हें और पहली नस्लों को पैदा फ़रमाया [184]!'"

[184] 'जिबेल्लतल अव्वलीन' (पहली उम्मतों का ख़ालिक़)

हज़रत शुऐब अलैहिस्सलाम ने उन्हें याद दिलाया कि तुम्हारा और तुम्हारे तमाम आबाओ-अजदाद का पैदा करने वाला वही एक अल्लाह है, लिहाज़ा उसी की बन्दगी करो और उसकी नाफ़रमानी से डरो।

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