कुरान - 26:182 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

182
وَزِنُواْ بِٱلۡقِسۡطَاسِ ٱلۡمُسۡتَقِيمِ

Transliteration: (Wa zinoo bilqistaasil mustaqeem)

और बिल्कुल सीधे और सही तराज़ू से तौलो [182]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 182 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 182

"और बिल्कुल सीधे और सही तराज़ू से तौलो [182];"

[182] 'क़िस्तास-ए-मुस्तक़ीम' (अद्ल व इंसाफ़ का तराज़ू)

'क़िस्तास' उस तराज़ू को कहते हैं जो बिल्कुल दुरुस्त और सही हो जिसमें कोई खोट या डंडी मारने की गुंजाइश न हो। इस्लाम में तिजारत में दयानतदारी और नाप-तौल का सही रखना ईमान का अहम हिस्सा है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now