कुरान - 26:216 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

216
فَإِنۡ عَصَوۡكَ فَقُلۡ إِنِّي بَرِيٓءٞ مِّمَّا تَعۡمَلُونَ

Transliteration: (Fa in asawka faqul innee bareee'um mimmmaa ta'maloon)

फिर अगर वे आपकी नाफ़रमानी करें [214], तो कह दीजिए कि, 'बेशक मैं तुम्हारे (बुरे) कामों से बिल्कुल बेज़ार (बरी) हूँ।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 216 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 216

"फिर अगर वे आपकी नाफ़रमानी करें [214], तो कह दीजिए कि मैं तुम्हारे कामों से बेज़ार हूँ।"

[214] दीन के मुआमले में रिश्तेदारों की नाफ़रमानी से बेज़ारी

अगर आपके रिश्तेदार या दूसरे लोग समझाने के बावजूद कुफ़्र और गुनाह से बाज़ न आएं, तो वाज़ेह फ़रमा दीजिए कि मेरा तुम्हारे इन बातिल आमाल और गुनाहों से कोई वास्ता नहीं। हक़ के मुक़ाबले में कोई ख़ानदानी या नस्ली ताल्लुक़ आड़े नहीं आ सकता।

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