Transliteration: (Wa anzir 'asheeratakal aqrabeen)
"और अपने क़रीबी रिश्तेदारों को डराइए [211];"
जब यह आयत नाज़िल हुई तो हुज़ूर अक़दस ﷺ कोह-ए-सफ़ा पर तशरीफ़ ले गए और क़ुरैश के तमाम क़बीलों—बनी फ़िहर, बनी हाशिम, बनी मुत्तलिब—को नाम ब-नाम आवाज़ दी। जब सब जमा हो गए तो आपने फ़रमाया: 'अगर मैं तुमसे कहूँ कि इस पहाड़ के पीछे एक लश्कर तुम पर हमला करने वाला है तो क्या तुम मेरी बात मानोगे?' सब ने एक ज़बान होकर कहा: 'हाँ! हमने आपको हमेशा सादिक़ और अमीन पाया है।' तब हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया: 'पस मैं तुम्हें अल्लाह के सख़्त अज़ाब से डराता हूँ, ला इलाहा इल्लल्लाह कहो और नजात पाओ।'
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