कुरान - 26:214 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

214
وَأَنذِرۡ عَشِيرَتَكَ ٱلۡأَقۡرَبِينَ

Transliteration: (Wa anzir 'asheeratakal aqrabeen)

और (ऐ नबी!) अपने क़रीबी रिश्तेदारों को (अल्लाह के अज़ाब से) डराइए [211]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 214 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 214

"और अपने क़रीबी रिश्तेदारों को डराइए [211];"

[211] ऐलानिया तबलीग़ और कोह-ए-सफ़ा की दावत

जब यह आयत नाज़िल हुई तो हुज़ूर अक़दस ﷺ कोह-ए-सफ़ा पर तशरीफ़ ले गए और क़ुरैश के तमाम क़बीलों—बनी फ़िहर, बनी हाशिम, बनी मुत्तलिब—को नाम ब-नाम आवाज़ दी। जब सब जमा हो गए तो आपने फ़रमाया: 'अगर मैं तुमसे कहूँ कि इस पहाड़ के पीछे एक लश्कर तुम पर हमला करने वाला है तो क्या तुम मेरी बात मानोगे?' सब ने एक ज़बान होकर कहा: 'हाँ! हमने आपको हमेशा सादिक़ और अमीन पाया है।' तब हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया: 'पस मैं तुम्हें अल्लाह के सख़्त अज़ाब से डराता हूँ, ला इलाहा इल्लल्लाह कहो और नजात पाओ।'

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now